जब कुछ बिगड़ जाता है तभी सुधारा जाता है। हर मनुष्य यही सफलता की सीढ़ी पाने की कोशिश कर रहा है।

आज हर कोई समस्या होने के बाद उसका समाधान ढूंढने में लगा हुआ है। परंतु सत्य यह है की समस्या ही ना हो ऐसा समाधान ढूंढा जाए। उसके लिए सबसे अच्छा है की शिक्षा व्यवस्था को जितना हो सके उतना अच्छा बनाया जाए और शिक्षक वही हो सकता है जिसको संपूर्ण ज्ञान हो। अब पता कैसे चलेगा कि किस को संपूर्ण ज्ञान है उसके लिए यह परखना जरूरी है की जिसको एकदम ही गुस्सा ना आता हो हमेशा आनंद में रहता हो सभी से बराबर का प्रेम करें पूर्ण स्वस्थ हो किसी पर निर्भर ना हो मुफ्त में शिक्षा देने को तैयार हो। इसी तरह की और सारी कसौटी पर जो भी खरा उतरे वहीं शिक्षक बने और तभी शिक्षा पद्धति को सुधारा जा सकता है और इससे स्वास्थ्य आनंद शक्ति प्रेम इत्यादि सभी चीजें सभी मनुष्य को पूर्ण रूप से उपलब्ध हो जाएंगी। 

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